Date : सितम्बर 8, 2025
हैदराबाद, 26 अगस्त, 2025: सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CSIR-CCMB), हैदराबाद की एक नई खोज ने ऊतक (टिश्यू) की मरम्मत और पुनर्जनन (रिजेनरेशन) में तेजी लाने का एक नया तरीका सामने लाया है। डॉ. संतोष चौहान के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की एक टीम ने दर्शाया है कि कोशिकाओं के पास मृत्यु के कगार से वापस जीवित होने का एक अंतर्निहित तरीका होता है। पुनर्जीवित होने की यह प्रक्रिया अत्यधिक सुनियोजित (हाइली प्रोग्राम्ड) है और विकासात्मक वृद्धि (डेवलपमेंटल ग्रोथ) की नक़ल करती है। वैज्ञानिकों ने प्रदर्शित किया कि ऐसा पुनरुद्धार, जिसे उन्होंने ‘प्रोग्राम्ड सेल रिवाइवल’ (Programmed Cell Revival) नाम दिया है, चूहों में त्वचा के घाव भरने और कॉर्निया के जलने को ठीक करने में तेज़ी लाया, मेंढक के टैडपोल में पूंछ के पुनर्जनन को प्रेरित किया, कृमियों (worms) में तंत्रिका की मरम्मत को बढ़ावा दिया, और फ्रूट फ्लाई (फल मक्खियों) में रक्त स्टेम सेल (रक्त मूल कोशिका) के उत्पादन को बढ़ाया। यह अध्ययन EMBO जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
यह खोज उस पुरानी धारणा (डोग्मा) को ख़ारिज करती है कि एक बार जब कोई कोशिका मरने लगती है, तो उसकी यात्रा अपरिवर्तनीय (irreversible) होती है। “जो हम देख रहे हैं वह कोशिकाओं का आकस्मिक अस्तित्व नहीं है। बल्कि हमने पाया कि विभिन्न जीवों की कोशिकाओं में एक सामान्य तंत्र का पालन करने की क्षमता होती है जो उनके पूर्ण कोशिकीय कार्य को बहाल करने के लिए उनके विकासात्मक, चयापचय (metabolic), और प्रतिरक्षा (immune) मार्गों (pathways) को पुनः सक्रिय कर सकता है। यह खोज कोशिकीय स्तर पर जीवन, मृत्यु और उपचार के बारे में हमारी सोच को नया आकार देती है,” डॉ. चौहान ने टिप्पणी की। वैज्ञानिकों ने इस खोज के लिए भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए आवेदन किया है।
वैज्ञानिकों ने यह भी आगाह किया कि यही पुनरुद्धार कार्यक्रम कुछ संदर्भों, विशेष रूप से कैंसर में, जोखिम पैदा कर सकता है। “कैंसर की कई दवा जांच (ड्रग स्क्रीन) कोशिका मृत्यु के सतही संकेतों पर निर्भर करती हैं, लेकिन यह अध्ययन चेतावनी देता है कि ऐसी कोशिकाएं वास्तव में मृत नहीं हो सकती हैं – और वे बढ़ी हुई स्टेम-जैसी (stem-like) विशेषताओं के साथ पुनर्जीवित हो सकती हैं, जो संभावित रूप से ट्यूमर को अधिक आक्रामक बना सकती हैं। हालांकि ‘प्रोग्राम्ड सेल रिवाइवल’ तंत्र पुनर्योजी चिकित्सा (regenerative medicine) की रणनीतियों के लिए एक वरदान हो सकता है, लेकिन वे संभवतः कैंसर उपचार की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं,” डॉ. चौहान ने विस्तार से बताया।
इस खोज ने कोशिका जीव विज्ञान (cell biology) में एक नया मोर्चा खोल दिया है जो पुनर्योजी चिकित्सा के विशेषज्ञों और कैंसर जीव वैज्ञानिकों को अपने निष्कर्षों को एक नई रोशनी में देखने के लिए प्रेरित करने को तैयार है।
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